दूसरों के हंसने का भय

blogvani
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जो दूसरे का दिल दुखाकर 
अपने अपनी लिये सुख का अंबार 
लगाते हैं 
वही अपनी जिंदगी की नाव 
दु:ख की मझधार में 
फसी  पाते हैं
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दूसरों की पीड़ा और दर्द 
पर हँसना जिनको 
अच्छा लगता है 
अपनी विपत्ति पर 
टूटते  हैं वही लोग 
अपने दर्द और पीड़ा से नहीं 
दूसरों के हंसने से 
उन्हें भय  लगता है 
 

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