चौकों-छक्कों से देश का नाम रोशन करेंगे
पचास ओवरों तक खेलने का
धीरज नहीं था
इसलिये बालक
इंडियन आइडियल बनने के लिए
नृत्य और संगीत के अभ्यास में जुटे थे
तिस पर चक दे इन्डिया के वजह से
खेलों में देश का नाम रोशन करने का काम
फिल्मी हीरो के जिम्मे छोडे थे
‘दोस्त दोस्त ना रहा
प्यार प्यार ना रहा’ की तर्ज पर
अलग-अलग होकर
ख़्वाबों में भूलें थे
बीस ओवर में देखा जो धोनी एंड कंपनी का
जोहानसबर्ग में धमाका
भूल गए सब
और अब दोस्त ही दोस्त की
तलाश में जुटे थे
सब चिल्ला रहे थे
‘आओ चलो फिर शुरू करें क्रिकेट
कोई जरूरत नही हैं पचास ओवर की
सारा कमाल बीस ओवर में ही करेंगे
कोइ जरूरत नहीं लोगों के एस एम एस की
हम तो चौकों और छक्कों से ही
अपने देश का नाम रोशन करेंगे
जहाँ अपने हाथ ही होंगे जगन्नाथ
क्या करेंगे लेकर फिल्मी गीतों का साथ
हम तो अपनी सफलता के गीत खुद लिखेंगे
और इस तरह वह सब अगले
विश्व कप की तैयारी में जुटे थे
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