वक्त ने देखा है सबको
उसे चलते भले देखता न हो कोई
बडे-बडे शिलालेखों पर नाम
खुदवाकर कई राजाओं ने
अमर होने की कोशिश की
उनके हटते ही उनका नाम लेवा भी रहा कोई
कई अमीरों ने बनवाये
अपने नाम से महल
वक्त की मार से खँडहर में बदल गए
अब देखता भी नहीं कोई
आँखों से बसे
कानों से सुने
हाथों से स्पर्श किये गए
जिंदा और मुर्दा बुत
भुला दिए गए
बसे दिल में लोगों के
चलते हैं आज भी
वक्त उनको नहीं मिटा पाता
दौलत से न खरीदा जा सकता
शोहरत से पसीजा नहीं करता
शरीर को छू लेने से भी
दिल किसी का अपना नहीं हुआ करता
वह सच ही है जो
दिल में बसा करता है
दिमाग में कई ख्याल आते हैं
दिल में तो बसता है एक कोई
दौलत और शौहरत के
ढेर पर बैठकर वक्त को जीत का
दावा करने वालों
तलवार के जोर पर
लोगों को डराने वालों
अपनी सूरत पर इतराने वालों
वक्त सबको मिटा देता है
पर दिलों में बसे हुए नाम और तस्वीरों
पर उसका रंग नहीं चढ़ता कोई
सच ही वह रास्ता है
जिस पर दिल के दरवाजे तक
पहुंचता है कोई