निजी अस्पतालों के बाहर लिखा रहता है
‘गरीबों का इलाज मुफ्त किया जाता है’
शायद इसलिए उनके पेट की किडनी
कभी खराब न हो इसलिए ही
कुछ डाक्टरों द्वारा उसे निकालकर
अमीर की देह में फिक्स्ड डिपोजिट
मुफ्त में किया जाता है
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एक गरीब मरीज ने मरने से
पहले ही कह दिया कि
‘उसके सभी अंग जो दान किये जा सकते हैं
गरीब जरूरतमंदों मरीजों को लगा दिए जाएं’
उसकी बात सुनकर
कई अमीर उसके पास पहुंचे
साथ में गरीबी का भी ले आये प्रमाणपत्र
तब भी कई गरीब सोचते रहे
”हम ऐसा प्रमाणपत्र कहाँ से लायें
उसके लिए भी तो पैसे चाहिए
हम अपना दावा कैसे जताएं’
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अगर इसी तरह गरीबों के
मानव अंग बेचकर
कुछ लोग अमीर होते जायेंगे
‘हमें सर्वशक्तिमान ने इतने कीमती अंग दिए
जिनके लिए अमीर तरस रहे हैं’
यह सोच गरीब
अमीरों के अस्पताल जाने से कतरायेंगे
सभी बिना पैसे बिना इलाज के
तड़पना पसंद करेगे या
भजन करते-करते भक्त हो जायेंगे.
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2 Comments
सही एवं सटीक कटाक्ष ……
अमीर का इलाज होता है
सेफ डाक्टर का भरता .है
कलेजा गरीब का कटता है…
garibi ka praman patra banane ke liye bhi paise chahiye,bahut khub.