रपट होती तो हम भी कुछ लिख पाते


आकर्षक मुख पृष्ठ के अन्दर
शब्द सोंदर्य से सुसज्जित
व्याकरण का बेहतर उपयोग कर
लिखी गयी वह रचना अगर
वह रपट होती तो
हम उस पर कुछ लिखते
अ-रपट है तो क्या लिखें
पीडाएं तो बहुत हैं शब्दों में
पर समाज की नहीं लगतीं
जुबान बोल रही है बहुत कुछ
पर जमाने की अभिव्यक्ति
बिल्कुल नहीं लगतीं
अगर रपट होती तो कुछ लिखते
अ-रपट है तो क्या लिखें

नारा तो समाज के लिए
लगाया गया लगता है
पर विषय वस्तु चन्द लोगों
को प्रसिद्धि दिलाने के लिए
जूझते हुए दिखती है
आम आदमी के जज्बातों का
एक अंश भी नहीं झलकता
अगर रपट होती तो कुछ लिखते
अ-रपट है तो उस पर क्या लिखें

मुख पृष्ठ पर गरीबों के लिए
पूंजीवाद और साम्राज्यवाद के
विरुद्ध संघर्ष का आव्हान
पर अन्दर के पृष्ठ पर सजे
शब्द कर रहे हैं
सभ्रांत लोगों की एक छोटी
महत्वहीन और राई जैसी बैठक को
पहाड़ जैसा महत्वपूर्ण बयान
अगर रपट होती तो कुछ लिखते
अ-रपट है तो क्या लिखें

चन्द लोग मिलकर गरीब का हक
खा जायेंगे ऐसा भ्रम पैदा करने के
नाकाम प्रयास
हर जगह नारे और वाद
चलने का लगाते कयास
शब्दों के भण्डार में है
चन्द अनजान और सभ्रांत
लोगों की चाय, कॉफी, और नाश्ता
समझ से परे है
गरीब और शोषित का
इससे क्या वास्ता
अगर रपट होती तो कुछ लिखते
अ-रपट है तो उस पर क्या लिखें

कहैं दीपक बापू
कोयी बात नहीं
चलो गरीब और शोषित के
लिए नारे भी तो लगाते हैं
अपने वाद से उनका दिल तो
किसी भी तरह दिल भी तो बहलाते हैं
कहीं न कहीं उनके लिए
उम्मीद के चिराग भी
तो जलाते हैं
उन पर रपट भले न लिखें
सभ्रान्तों की महफ़िल पर
अपने कीमती शब्द खर्च कर
उसे अ-रपट भी तो बताते हैं
हम भी क्या करें
रपट होती तो कुछ लिखते
अ-रपट पर क्या लिखें
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