इस तरह सफेद हाथी का शासन आया


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जंगल के राजा शेर को 
उसके खुफिया  प्रमुख सियार  भाया ने दी खबर
‘महाराज आपके  खिलाफ 
पूरे जंगल में असंतोष फ़ैल गया  है 
प्रजाजन आपका राज्य छोड कर 
बाहर पड़ोसी राजा की शरण ले रहे  हैं 
आपको पड़ जायेगा किसी दिन 
शिकार करने का टोटा
पास के राजा का मन भी खोटा 
लगता है की उसने आपके खिलाफ
कोई बड़ा षडयन्त्र रचाया’
उसकी रिपोर्ट से 
राजा शेर बहुत  घबडाया और तत्काल 
अपने  सबसे प्रिय  मन्त्री लोमड लुभाया को
दरबार में हाजिर होने का संदेश सुनाया
लोमड ने पहले राजा की बात सुनी 
फिर सियार  की बात गुनी
फिर बोला
‘महाराज में आपको इस संकट  से उबार लूँगा
ऐसे जतन करूँगा कि 
फिर कभी दूसरे में फँसने नहीं दूँगा
आखिर आपका नमक  खाया’
 
 
अपने घर  पहुँचा
मन्त्री लोमड लुभाया 
पीछे-पीछे उसका चमचा सियार भाया 
अपने साथ सफेद हाथी की 
नयी वरदी  भी लाया 
और उसके हाथ में देकर बोला 
‘आज से इसे  पहन लो 
तुम्हारी जात हो गयी  है बदनाम 
अब बदल लो चेहरा और नाम 
सदियों तक शेरों ने किया राज 
अब तुम करोगे 
मेरी  गतिविधियों पर रोक लगाने की 
कोशिश की तो ही मरोगे
अब तो समझ लो अपना ही
राज्य इस जंगल में आया
ऐक दिन कर देंगे शेर का भी सफ़ाया 
 
अगले दिन शेर सोया हुआ था
जब लोमड लुभाया पहुँचा 
उस देखकर वह भागा
काले हाथियों को वह जानता था
पर इस छोटे  सफेद हाथी को
देखकर उसका दिमाग चकराया 
उसे भागते देखकर 
लोमड पीछे से चिल्लाया 
‘महाराज में हूँ आपका चरण सेवक 
आपके लिये ही यह भेष बनाया’
शेर ने गरज कर कहा
‘मैं भाग कहाँ रहा था 
मैं जा रहा था दौरे पर
मुझे खबर मिली है कि   
पड़ोस के ऐक बंदर ने अपने 
राज्य में आकर उत्पात मचाया
उसकी बात बाद में पहले यह बताओ 
तुमने यह क्या नाटक रचाया’
लोमड ने कहा 
”आप अपने पापों के लिये
मुझे जिम्मेदार बताते हुए 
पद से हटा दीजिये 
और मेरी जगह  इस सफेद हाथी
को नियुक्त कर दीजिये
जनता सोचेगी शेर राजा तो अच्छे  हैं
बदमाश तो वह लोमड  था
इस बदलाव से वह नयेपन में खो जायेगी 
उसकी याददाश्त कमजोर होती है 
कुछ दिन में सब भूल जायेगी 
फिर इन धवल वस्त्रों में 
इतनी शक्ति और प्रभाव कि 
वह मेरे काले मन को कभी  
समझ नहीं पायेगी’
फिर उसने शेर को 
अपना असली रूप दिखाया  
 
अब शेर रोज आराम  लगा
दिन का सफेद हाथी लोमड
रात को सियार  के साथ मिलकर 
पहले से ज्यादा शिकार शेर के लिये 
ढूंढ कर लाने लगा
हर मामले की जांच
सफेद हाथी के हवाले होने लगी 
ऐक दिन शेर स्वर्गवासी हो गया
और सियार भी बनवासी  हो गया
धीरे -धीरे पूरे जंगल पर 
सफेद हाथी का शासन आया
जिससे  वह अभी तक मुक्त नहीं हो पाया
——- 
   

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