जब ऐसे भी फिक्स होने लगे


हीरो ने चांटा मारा एक लड़के को
बडे जोर से थप्पड़ तो
वह भी हीरो हो गया
जिस पर नहीं पहुँचती किसी की नजर
बन गया सबकी खबर
सबके सामने सहमता
अकेले में हंसता
”अब तो में भी हीरो गया ‘

आगे हो सकता है
हर फिल्मी हीरो के घर
थप्पड़ खाने वालों की
लाइन लगने लगे
हर कोई थप्पड़ की मांग करने लगे
नहीं है बाजार का भरोसा
कभी खिलाडियों में गाली-गलौच तो
कभी नस्लभेद का मामला उठा
फिर सब अपने आप जीरो हो गया
मीडिया अपने प्रचार के लिए
कौनसे तरीके से नये-नये हीरो गढ़ने लगे
कोई बड़ी बात नहीं अब थप्पड़ भी
ऐसे फिक्स होने लगे
जो खाकर एक हीरो हो गया
———————————
नोट-यह एक काल्पनिक हास्य व्यंग्य रचना है और किसी घटना या व्यक्ति से लेना-देना नहीं है.

Advertisements
Post a comment or leave a trackback: Trackback URL.

टिप्पणियाँ

  • सही है बन्धुवर…

    कोई पता नहीं कि पहले चांटा लगाया गया और फिर उसे भुनाया गया हो….

    खबरों में बने रहने के लिए तरह तरह के स्वांग रचना आम बात है….

    “बदनाम हुए तो क्या नाम न होगा” वाली बात भी हो सकती है

  • mehhekk  On जनवरी 20, 2008 at 01:32

    oh yes so true everybody will go to heros house to get a slap and becoem famous,these media people focus sometimes on priceless issue,may be its mili bhagat of hero media and that man also to get gimick of publicity.famous hone ke liye kuch bhi karte hai.

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: