हिंदी-अंग्रेजी टूल बहुत दिलचस्प लगा-आलेख (2)


हिंदी -अंग्रेजी अनुवाद टूल का मैं कल से उपयोग कर रहा देख रहा हूं तो उसमें सुखद आश्चर्य का अनुभव हो रहा है। प्रथम तो यह कि यदि शुद्ध हिंदी भाषा को लिखेंगे तो ही वह स्वीकार करेगा। कहीं पाठ को लिखने के दौरान उर्दू या इंग्लिश शब्द का उपयोग किया तो वह उसे स्वीकार नहीं करेगा। जैसे भावनाओं को जजबात नहीं लिख सकते। धर्म को मजहब नहीं लिख सकते । भ्रम को गलतफहमी लिखेंगे तो वह कोई नहीं पढ़ पायेगा। अगर कोई हिंदी शब्द लिखने में गलती कर जाते हैं तो अंग्रेजी में अनुवाद करने वाला टूल उसे अनुवाद करने की बजाय वैसे का वैसे ही प्रस्तुत कर देता है।

मै अंग्रेजी में अनुवाद से पहले अपनी देवनागरी भाषा में पाठ लिखने के बाद उसे यूनिकोड टूल में ले जाता हूं फिर उसे अनुवाद टूल में रखता हूं और जब उसमें कोई लिख गया शब्द नहीं बदला होता है तो उसे पहले अपने मूल पाठ में सही करता हूं। एक से अधिक शब्द होने पर सभी शब्दों को पुनः लिखने के बाद फिर उसे यूनिकोड में बदलने वाले टूल पर लाता हूं वहां से फिर अनुवाद वाले टूल पर कर देखता पड़ता है कि सही हुआ कि नहीं। बहरहाल अब यह तो इग्लिश में पढ़ने वाले ही तय करेंगे कि उसका परिणाम कैसा है पर एक बात निश्चित है कि वह अगर ऐसे टूलों से ही हिंदी पढ़ने वाले हैं तो उसके लिये मेरे द्वारा किये गये थोड़े प्रयास भी मेरे द्वारा रचित पाठ को अधिक पढ़ने योग्य बना देंगे बनिस्बत अन्य हिंदी ब्लाग के उन पाठों के जो इस अनुवाद वाले टूल पर परीक्षण करके नहीं रखे गये। कल कुछ ब्लागर लिख रहे थे कि इसमें कुछ कमियां है और इसका उपाय यह है कि जो ब्लागर चाहते हैं तो उनके सामने दो रास्ते हैं कि वह अपने पाठ का इस अनुवाद टूल पर परीक्षण कर देखें कि उसमें पूरे शब्द अंग्रेजी में आ रहे हैं कि नहीं, जो नहीं आ रहे उनमें परिवर्तन कर फिर देखें और अपनी पोस्ट रखें दूसरा यह कि छोड़ दे पढ़ने के इच्छुक पाठक के लिये जो इस टूल से वैसा ही पढ़ेगा जैसा कि अपने रखा है पर उसके लिये उसे यह टूल लाना पड़ेगा। ऐसे में वह शायद जहमत न उठाये तो आपने अगर अपना पाठ अंग्रेजी में रखा है तो वह पढ़ ही लेगा।

मैने कुछ पोस्टों पर प्रयोग किया और पाया कि वैसी भाषा किसी के लिये नहीं हो सकती जिसका वह पाठक है पर भाव तो समझा ही जा सकता है। मैंने आज कुछ इंग्लिश ब्लाॅगरों की पोस्ट को हिंदी में पढ़ा। उसमें बहुत दिक्कत है पर अंग्रेजी और हिंदी दोनों के पाठ मेरे सामने थे तो भाव और अर्थ मैंने एकदम समझ लिया। मैं यह कह सकता हूं कि मैंने आज जो इंग्लिश ब्लाग देखे वह पूरी तरह पढ़े और समझे हैं। उनकी विषय वस्तु पूरी तरह वैसे ही मेरे समझ में आयी जैसा उसका लेखक चाहता था। थोड़ी मेहनत हुई पर जिस तरफ विश्व का ब्लाग जगत बढ़ रहा है उसकी दृष्टि से वह कोई अधिक नहीं थी। इंग्लिश-हिंदी अनुवाद टूल का मतलब यह है कि आप दुनियां की पंद्रह भाषाओं में घुसपैठ कर सकते हैं और जब ऐसा करेंगे तो दूसरी भाषा के ब्लागर भी ऐसा ही करेंगे। भले ही अनुवाद के पाठ ऐसे नहीं आ रहे जैसे अपेक्षित हैं पर वह इतने बुरे नहीं है कि संवाद कायम करने के लिये काफी न हों। समय की कमी के कारण कुछ लोग इस पर अधिक काम न करें पर जिनके पास समय है वह पूरी दुनियां में अनेक भाषाओं में अपने मित्र बनायेंगे। क्या यह आश्चर्य नहीं होगा कि जब कोई चीनी अपनी हमारी पोस्ट को अपनी भाषा में पढ़ने का प्रयास करेगा।
हालांकि मैंने अपनी कुछ पोस्टों का अंग्रेजी अनुवाद कर उसे ब्लाग पर प्रस्तुत किया है पर हमेशा ऐसा नहीं करूंगा पर यह तय है कि उनको लिखने के बाद इंग्लिश अनुवाद टूल पर परीक्षण कर उसे इस लायक तो बनाऊंगा कि उसे कोई अहिंदी भाषी पढ़ना चाहे तो उसे दिक्कत न आये। इसके अलावा इंग्लिश ब्लाग भी पढ़ता रहूंगा ताकि उसे जानकारियां मिल सकें। आज तीन ब्लाग पढ़कर यह समझ में आ गया कि जितनी अंग्रेजी सीखी है वह पर्याप्त है।

it translashan by google tool
Hindi – English tool seemed very interesting – Article (2)

Hindi – English translation tool use from tomorrow I am going to see if there is a feeling of pleasant surprise. First, the Hindi language to write the net if he will accept. During much of the text to write English or Urdu word used, it will not accept it. Such as feelings jajbat can not write. religion to religion can not write. Write to the confusion, misunderstanding that no one will read. If a mistake in writing the Hindi word to the English are translated into a tool to translate it so instead of just presenting them out.

I translated into English from its first published in the language of the text after writing it in Unicode tools it takes I am strongly in the translation tool and when it was writing a word, it is not changed before I correct in his original text. More than one word at all to re-write the words again after a change in the Unicode tool brought on from there, then I can see the translation of the tool that is not correct that. However, it is now in inglish determine that its reading of the results of what is certain is that if one thing from such टूलों Hindi, who read for him by my little efforts have been made to the text Created by me to read more qualified Blog other than the will of the Hindi translation of the texts of the tool on the test were not maintained. Yesterday that there were some blogger write some drawbacks and is the measure that ब्लागर who want that way, their front two of his trial on the text of the translation tool that it can see the whole word in English that are not , Which did not come back to see them change and keep his second post that leave the reader to read the willing tool of the things just want it kept as it is for him on this tool will bring. So perhaps he did not, you’ve taken into account if your English is, he will read it.

I used some of the posts and found that such a language for which the reader can not be understood, but the price may be. Today I have some English blogger the post read in Hindi. There is a lot of trouble both in English and Hindi text in front of me was the sense of meaning and I totally understood. I can say that I am today that he viewed the English Blog read and fully understood. Her subject matter so I fully understand his films, as was the author. A little hard on the side of the world’s Blog world is increasing its terms, it was not any more. English – Hindi translation tool means is that you fifteen languages of the world can infiltrate and will do so when the other language blogger do the same. Even if such a translation of the text has not been as expected but it is not so bad, that is not enough to maintain dialogue. Due to time some of the people who do more work time is not on the whole world in several languages, create your friend. Is it any wonder that when the Chinese will not be posted to our own will try to read in their language.
However, I have some posts on the Blog of the English translation it is always presented on it so that I will not write them after the English translation tool on the testing that will make it worth it to a non-speaking, reading to go to trouble Do not come. Besides, I read the English blog information so that it can get. Today, the three Blog reading was in the understanding that it is learnt English as adequate.

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