होली पर ध्यान लगायें-हिन्दी कविता (holi and meditesion-hindi poem)


आओ ध्यान लगायें,
नकली गुलाल और रंग में
खेलने से जलेंगी आंखें और बदन
इसलिये अपने अंतर्मन में
स्थापित कर लें एक सुंदर स्वरूप

उसके आगे   अपनी हृदय का दीपक जलायें।

————
किस पर रंग फैंककर
किसका व्यक्तित्व अपने हाथ से चमकायें,
अपने हृदय को कर दें ध्यान में मग्न,
हो जायेंगे कीचड़ की समाधियां भग्न,
बरस भर जमा किया है कीचड़ मन में
वहां ज्ञान का कमल लगायें।
————

कवि लेखक एंव संपादक-दीपक भारतदीप,ग्वालियर 
poet writer and editor-Deepak Bharatdeep, Gwalior
http://dpkraj.blogspot.com
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दीपक भारतदीप की शब्दयोग पत्रिका पर लिख गया यह पाठ मौलिक एवं अप्रकाशित है। इसके कहीं अन्य प्रकाश की अनुमति नहीं है।
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टिप्पणियाँ

  • ध्यान लगाओ शीला का, ले आमिर का नाम /
    भरी जवानी देख के , भूलो सारे काम //
    भूलो सारे काम, जवानी फिर न आये /
    ये देखो मद मस्त, छरहरा पन छा जाये //
    कह ‘भिन्डी’ कविराय, कहां चक्कर काटोगे /
    जाकर किस दरवाजे, सम्मन को बाटोगे //

  • Holi SMS Shayari  On मार्च 1, 2014 at 19:50

    I Loved this Holi SMS Shayari

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